खत मैं लिखूंगा तुम्हें
ये मैसेज का दौर है सुहाना भले
फिर भी रोशन था खत का जमाना वही
शब्द शब्द में प्यार मैं लिखूंगा तुम्हे
स्वीकृति हो तो खत मैं लिखूंगा तुम्हे
वो प्रतीक्षा मधुर होगी आएगा खत
जब विलंब करेगा सताएगा खत
लेके नाम तुम्हारा ढूंढ लेगा तुम्हे
जैसे ही खोलेगी चूम लेगा तुम्हे
पूर्ण जीवन समर्पित मैं लिखूंगा तुम्हे
स्वीकृति हो तो खत मैं लिखूंगा तुम्हे
इक प्यारी सी चंचल किरण सी लिखूं
मन को भाए उसी ग़ज़ल सी लिखूं
बस तुमको ही तुमको लिखूंगा तुम्हे
स्वीकृति हो तो खत मैं लिखूंगा तुम्हे
- विकास बघेल
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