तिनका तिनका बीन के चिडिया
तिनका तिनका बीन के चिड़ियां एक घरौंदा बना लिया है सच पूछो तो लगता है संसार नया ही बसा लिया है फुर्र फुर्र फुर्र फुर्र पंखों को वो बार बार फैलाती है एक गीत को बार बार वो नए सुरो में गाती है छोटे छोटे बच्चे होंगे चीं ची ची ची चिल्लाएंगे बार बार ये सोच के चिड़ियां फूली नहीं समाती है बच्चों के सपने को अपनी आंखों में यूं बसा लिया है सच पूछो तो लगता है संसार नया ही बसा लिया है आकाश के सारे तारे मामा चांद भी उसने बुलाए है पेड़ पेड़ को न्योत दिया है फूल फूल हरसाएं है देख देख के अंडों को वो ममता से भर जाती है बार बार ये सोच के चिड़ियां फूली नहीं समाती है देखो तो अंडों को पंखों से कैसे यूं छुपा लिया है सच पूछो तो लगता है संसार नया ही बसा लिया है अंडों से दो बच्चे निकले सुबह शाम चिल्लाते हैं जाए कोई पास जो उनके झट से वो डर जाते हैं ढूंढ ढूंढ कर दाना पानी मुंह में भर के लाती है बार बार ये देख के चिड़िया फूली नहीं समाती है धीरे धीरे बच्चों ने अब पंखों को फैला लिया है सच पूछो तो लगता है संसार नया ही बसा लिया है थोड़े से नटखट है ब...