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तुम जो चली गई हो

कभी जो गीत गाए किसी ने आंख से अश्रु बहाए हो  कभी जो गीत गाए किसी ने अपनी विरह बताई हो  उन्ही गीत को फिर से तुम दोहरा गई हो  तुम जो चली गई हो तुम जो चली गई हो  ये दिल तो अकेला हो गया है मन ही मन ये रो रहा है  बात किसी से करता नही ये कैसा पागल हो गया है  हमारी तो आदत पुरानी है रोने और गाने की  यही राग इस जीवन की क्या यही रीत है जमाने की  इस बार भी मुझे मारकर फिर से तुम जी गई हो  तुम जो चली गई हो तुम जो चली गई हो  सुनो क्या क्या हुआ है बाद तुम्हारे जाने के  इक वीराना छा गया है बाद तुम्हारे जाने के  हवा के झोंके इधर कभी भी आए नही है उस दिन से  मैं कल तक चुप था मगर लफ्ज़ रुकते नहीं है इस मन से  बाद तुम्हारे जाने के मानो इच्छाएं सारी मार ही गई हो  तुम जो चली गई हो तुम जो चली गई हो मेरे इस जीवन की इकलौती कमाई तुम ही हो  मेरे इस बंजर दिल में प्रेम की जाई तुम ही हो  गीत तुम्हारे शोक में मैं भर भर आंसू गाता हूं मेरे दिल से तेरे दिल तक विरह वेदना सुनता हूं मेरी तड़प तो बिन पानी के तड़प कोई मछली गई हो  तुम जो ...

तिनका तिनका बिन के चिड़िया

तिनका तिनका बीन के चिड़ियां एक घरौंदा बना लिया है  सच पूछो तो लगता है संसार नया ही बसा लिया है फुर्र फुर्र फुर्र फुर्र पंखों को वो बार बार फैलाती है एक गीत को बार बार वो नए सुरो में गाती है  छोटे छोटे बच्चे होंगे चीं ची ची ची चिल्लाएंगे बार बार ये सोच के चिड़ियां फूली नहीं समाती है बच्चों के सपने को अपनी आंखों में यूं बसा लिया है  सच पूछो तो लगता है संसार नया ही बसा लिया है    आकाश के सारे तारे मामा चांद भी उसने बुलाए है  पेड़ पेड़ को न्योत दिया है फूल फूल हरसाएं है  देख देख के अंडों को वो ममता से भर जाती है  बार बार ये सोच के चिड़ियां फूली नहीं समाती है  देखो तो अंडों को पंखों से कैसे यूं छुपा लिया है  सच पूछो तो लगता है संसार नया ही बसा लिया है अंडों से दो बच्चे निकले सुबह शाम चिल्लाते हैं  जाए कोई पास जो उनके झट से वो डर जाते हैं ढूंढ ढूंढ कर दाना पानी मुंह में भर के लाती है  बार बार ये देख के चिड़िया फूली नहीं समाती है धीरे धीरे बच्चों ने अब पंखों को फैला लिया है  सच पूछो तो लगता है संसार नया ही बसा लिया है थोड़े से नट...