खुद पर गर्वित होंगे हम भी इक दिन चर्चित होंगे हम भी
जब हम लगातार पराजय का सामना कर रहे होते हैं तब कभी कभी हम खुद पर विश्वास करना कम कर देते है लेकिन हम यह नहीं समझ पाते कि अगर हमें कच्ची अमिया खाने को मिल जाएगी तो फिर हम पके रसीले आम के स्वाद से वंचित हो सकते है, बस यही बात हमें अपने जीवन में उतारनी चाहिए कि अगर यहां पर हम जीत गए और जीत कर घर बैठ जाएंगे तो जो एक बडी जीत हमारा इंतज़ार कर रही है वो किसी और को मिल जाएगी इसलिए किसी भी चीज में अगर पराजय मिलती है तो हमें हताश होने के स्थान पर एक नए अध्ययन की शुरुआत करनी चाहिए। एक नया विश्वास मन में भरना चाहिए। इस बात का सबसे बडा उदाहरण है APJ अब्दुल कलाम जी अगर कलाम जी एयरफोर्स में नौकरी लेकर रह जाते तो आज देश को मिशाइलमैन नहीं मिल पाता। तो अब पराजय मिलती है तो हताश न होकर खुद पर विश्वास गड़ना है कि इससे बड़ी जीत हमारा इंतज़ार कर रही है इसी परिपेक्ष में मेरे द्वारा लिखा एक गीत यहां मैं आपके साथ साझा कर रहा हूं।
पढ़िए आनन्द लीजिए -
गीत -
खुद पर गर्वित होंगे हम भीइक दिन चर्चित होंगे हम भी
स्वप्न जो आज आंखों में है
गहन उदासी रातों में है
कितनी बार मरेगा साहस
हँस कर फिर जिंदा कर देंगे
अपनी असफलताओ को हम
इक दिन शर्मिंदा कर देंगे
क्यों विलाप करें हम दुःख पर
विश्वास हमें भी है खुद पर
स्वर्ण अक्षरों से इक दिन फिर
गर्व से वर्णित होंगे हम भी
खुद पर गर्वित होंगे हम भी
इक दिन चर्चित होंगे हम भी
इस क्षणभंगुर से डर जाए
स्वीकार नहीं हम रुक जाए
रोज नए संग्राम चुनेंगे
रोज नई बाधा चूमेंगे
चीर के सीना अंधकार का
बीज बो देंगे प्रकाश का
जाके अंबर की छाती पर
इक दिन प्रकाशित होंगे हम भी
खुद पर गर्वित होंगे हम भी
इक दिन चर्चित होंगे हम भी
घोर निराशावादी बांते
जो करते है कह दो उनसे
ये संघर्ष हमारा है हमें
खुलकर टकराने दो इनसे
आगे आन पड़ा यदि पर्वत
कैसा डर है कैसा विस्मय
इस पर्वत को औकात दिखा
सुन मन मांझी कर ले निश्चय
देख पराजय कदमों में फिर
इक दिन पुलकित होंगे हम भी
खुद पर गर्वित होंगे हम भी
इक दिन चर्चित होंगे हम भी
- विकास बघेल
#poetvikasbaghel #kavivikasbaghel #gwalior #gwaliorpoet
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें